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Monday, February 3, 2025

मित्र

एक मित्र तो ऐसा बनाना जिसका द्वार
तुम्हारे लिए बिना प्रश्न के हमेशा खुला रहे ,।
जहां तुम हर रात लौटना, या सदियों बाद
 झलके वही बेतकलूफी, वहीअपनापन , प्रेम ।
@Reeta Agrahari 

Friday, July 7, 2023

कोरा कागज

मैं तुम्हें खाली लिफ़ाफा भेजूंगी
तुम उसमें पत्र देखना
मै कागज़ कोरा छोड़ दूंगी
तुम उसका अर्थ समझना
नही रखा कुछ कहने सुनने में
तुम मेरे मौन को समझना
तब जाके मेरा कोरा मन पढ़ना ।
Reeta Agrahari 

Saturday, January 1, 2022


"जो आया है वो तो जायेगा 
प्रकृति का यही शाश्वत नियम है
कुछ नही ठहरता यहां, 
ना समय ना लोग ।
आने वाले का स्वागत करो,
जानें वाले की सहर्ष विदाई ।"
Reeta Agrahari

 आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏


Friday, December 10, 2021

औपचारिकता

मेरी एक बुराई है,
 जल्दी मै किसी को अपना नही बना पता ,
और जो हैं या बना ली 
उसे औपचारिक नही हो पाती
जबकि आज अपने भी औपचारिकता खोजते हैं
फ़ोन करके आना फोन करके जाना
बिन मांगे अपनी राय नहीं रखना ,
घर के मिश्री शक्कर को छोड़, 
मलाई छेना खिलाना
कितना अजीब है ना सब ,
ये अपनो के बीच में 
जहां बातें सोच समझ के बोलना पड़े
वहां कैसा अपनापन, 
इससे बेहतर है चुप रहना
हमसे नही हो पाएगा ये,
 झूट का दिखावा,
नहीं छोड़ेंगे तुमको, 
चलो अब तुमसे भी 
औपचारिक होके बात करते हैं ।

Thursday, December 2, 2021

#चश्मा

दुनिया रंगीन है,
इसे काला चश्मा पहन के नही देखा जा सकता ।
#ReetaAgrahari