Search This Blog

Wednesday, November 20, 2019

मेरे विचार


सरस्वती वन्दना

सरस्वती वन्दना


 हे माँ शारदे हे माँ शारदे,
दिल से करूं मैं तेरा बंधन 
हमें हमसे विद्या का दान दे!
 घन तिमिर है मोह पास में फंसी मैं
 अज्ञानता माँ मेरी तार दे
हे माँ शारदे माँ शारदे  
हे हंस वाहिनी हे पद्मासिनी
 हे ज्ञानद हे बागेश्वरी 
ज्ञान की कृपा मुझ पर मार दे
 बुद्धि शुचि कर भेद कलुषित मन का,
 दोश हरो मेरी माँ 
सहनशील ह्रदय कर मेरा,
 जीवन त्याग तपो मय हो,
निजी ह्रदय मे, स्वाभिमान भर दे!
 हे माँ शारदे हे माँ शारदे
हे भारतीयों हे माँ बाग देव,
हे महास्वेत हे हे वानापानी
 दूर हो उर का तम, ऐसी वर दे,!
सत्यनिष्ठा, शौर्य, सुधार,
साहस, कृत्ज्ञता, कर्मठता, उपकार
गैरहनिकारीता, न्याय का वर दे!
हे माँ शारदे, हे माँ शारदे!
कंठ, उर मे, जा रहा है, जिह्वा पे तेरा वास हो!
जन-जाति में, जन-जाति के लिए,
प्रेम रहा, यह वर दे!
हे माँ शारदे, हे माँ शारदे!
अज्ञानता से, हमें तार दे!
----